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पश्चिम बंगाल: यूपी के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट को बनाया गया दक्षिण 24 परगना जिले का पुलिस ऑब्जर्वर, TMC में मची खलबली

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : Apr 27, 2026 08:17 pm IST,  Updated : Apr 27, 2026 08:26 pm IST

चुनाव आयोग ने यूपी के चर्चित आईपीएस अधिकारी को दक्षिण 24 परगना जिले का पुलिस आब्‍जर्वर बनाया है। इस खबर के सामने आते ही टीएमसी में हड़कंप मच गया है।

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चर्चित आईपीएस अजय पाल शर्मा Image Source : X/IPS AJAY PAL SHARMA

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण से ठीक पहले टीएमसी और बीजेपी में ठन गई है। बंगाल में यूपी के सिंघम के नाम से चर्चित IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा की तैनाती को लेकर हंगामा हुआ है। चुनाव आयोग ने उन्हें उस दक्षिण 24 परगना जिले का पुलिस आब्‍जर्वर बनाकर भेजा है, जो सीधे तौर पर टीएमसी के नंबर 2 नेता और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का अभेद्य किला माना जाता है।

बता दें कि अजय पाल शर्मा की छवि उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अफसर के तौर पर है। ऐसे में अब TMC आरोप लगा रही है कि बीजेपी को केंद्रीय बलों पर भरोसा नहीं है।

दरअसल पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग शांति से निपट गई है, लेकिन दूसरे चरण से ठीक पहले चुनाव आयोग ने एक ऐसा दांव चला है, जिसने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के खेमे में खलबली मचा दी है। चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए इस बार सिर्फ केंद्रीय बलों पर ही भरोसा नहीं किया है, बल्कि उत्तर प्रदेश से सीधे एक एनकाउंटर स्पेशलिस्ट को क्षेत्र में उतार दिया है। इस आईपीएस का नाम अजय पाल शर्मा है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को दूसरे चरण के लिए मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 4 मई को आएंगे। 

कौन हैं आईपीएस अजय पाल शर्मा?

अजय पाल शर्मा, उत्तर प्रदेश पुलिस कैडर के 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और लुधियाना के मूल निवासी हैं। वे अपनी सख्त पुलिसिंग शैली के लिए जाने जाते हैं और बल के सबसे सक्षम अधिकारियों में गिने जाते हैं। अपने करियर के दौरान वे कई जोखिम भरे अभियानों से जुड़े रहे हैं।

कैसी है सुरक्षा व्यवस्था?

चुनाव आयोग ने चुनावों के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है और पश्चिम बंगाल के सात जिलों में केंद्रीय बलों की 2,321 कंपनियां तैनात की हैं। इसके अतिरिक्त, चुनावी प्रक्रिया की निगरानी के लिए 142 सामान्य पर्यवेक्षक, 95 पुलिस पर्यवेक्षक और 100 व्यय पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि वास्तविक समय की निगरानी के लिए कैमरों से लैस ड्रोन का भी उपयोग किया जा रहा है। कोलकाता में सबसे अधिक केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है, जहां शहर में केंद्रीय बलों की 273 कंपनियां तैनात हैं।

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